
क्या बदला है नज़रिया ,
या दिल का फितूर है,
शोर सा मचा है,
कुछ तो हुआ जरूर है,
खामोशियों से ज्यादा,
अब हलचल डरा रही हैं,
ए-जिंदगी साथ चल ले,
किस बात का गुरुर है।
आसान नही सफर ये ,
जा रहीं , मंज़िलें दूर है,
मेरा ही नसीब है ऐसा,
या होता यही दस्तूर है
शरीर तो थक चुका है,
पर हौंसले अभी जवां है
कर गुजरने की चाहत का,
बस छाया सा सुरूर है
दिमाग तो बेचारा,
दिल के हाथों मज़बूर है,
न आया हमे ही संभलना,
किसी का क्या कुसूर है,
जीवन के फलसफे ,
कभी कहाँ हमने सीखे,
ए-जिंदगी साथ चल ले,
किस बात का गुरुर है।
Always seeking your blessings and wishes💕💕💕
Image. Pexel.
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Excellent.Take care.🌹🙏😊
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Thank you😊💐
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My pleasure.🌹🙏😊
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वाह वाह बहुत खूब 👌 बहुत सुंदर अभिव्यक्ति👌👌
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Thank you so much sir 💐💐💐😊
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अति सुंदर रचना ,रीना जी !😀
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Thank you💐💐
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बहुत सुंदर
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Dhanyawad sir😊
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