
आचारों और विचारों के मध्य,
झूलती ये आम - सी जिंदगी,
थोड़ी सी शरारत लिए मुस्कुराती,
बेफिक्र थोड़ी ,लिए थोड़ी संजीदगी,
जीवन के फलसफे थोड़े ,
सीखती सिखाती सी जिंदगी,
व्यवहार में। लिए धैर्य की जमीन ,
सच की कर्मों में बंदिगी,
करुणा भरी हो हृदय में
मुख पे बचपन सी ताज़गी,
इंसानियत को जीवित करती
जीवन से भरी हो जिंदगी।
Wow, what a lovely poem! My Hindi is still only “developing” and not “developed” so I needed some help from Google translate. May I say, I’m practising Hindi with your poem.. Such beautiful lines… 👌
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बहुत बहुत आभार💐💐
मेरी कविताएँ यदि सहायक सिद्ध होती हैं तो ये भी उनके लिए एक उपलब्धि हैं
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बिल्कुल 🙏💖
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वाह, बहुत सुन्दर |
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बहुत बहुत आभार🌷🌷💐💐
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अति उत्तम विचार। एक अच्छी कविता 👌👌💐💐
कहते हैं जिंदगी में सब कुछ होता नहीं मुमकिन, कुछ कमी भी जरूरी है जिंदगी जीने के लिए।
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बहुत सुंदर पंक्तिया लिखी हैं आपने
गहरी ओर अर्थपूर्ण,
बहुत बहुत आभार। ,,💐💐💐🌷
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अच्छी रचना👏👏
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आभार😊
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So beautiful!
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Thank you ❣️
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