बारिश

बारिशें होने लगी आज फिर , फिर समां सा बंधने लगा, सब ख्यालों को विराम दीजिये, पकोड़ो पर ध्यान दीजिए, चाय की चुस्कियों के साथ थोड़ा गपशप भी दर्ज कीजिये यादों के बटवे को खोल कर, खुशियों की रेजगारी खर्च कीजिये हर बून्द जब मिट्टी से टकराये मिट्टी कुछ यूं शरमाये चिपक सी बस आपस … Continue reading बारिश