गुजारिश

चांदनी रात से थोड़ी गुज़ारिश कर लूँमीठी नींद की थोड़ी सिफारिश कर लूँबस पलको की चादर ताने, मेरी आँखेंजो देखें ऐसे ख्वाबों की बारिश कर लूंगुज़ारिश तो बहुत बार की हमनेरात चांदनी आयी सुननेइंतज़ार किया इत्मिनान से हमनेख्वाब भी लगी कई बुननेख्वाबों की दुनिया फूलों से भरीजैसे फरिश्तों ओर परियो की नगरीसंगीत मधुर और रोशनी … Continue reading गुजारिश