सफर journey

क्या बदला है नज़रिया , या दिल का फितूर है, शोर सा मचा है, कुछ तो हुआ जरूर है, खामोशियों से ज्यादा, अब हलचल डरा रही हैं, ए-जिंदगी साथ चल ले, किस बात का गुरुर है। आसान नही सफर ये , जा रहीं , मंज़िलें दूर है, मेरा ही नसीब है ऐसा, या होता यही … Continue reading सफर journey