आसान नहीं समझना कि, कितनी चाहत रखेँ,
चाह साथ जीने की करें,या मर मिटने की चाहत रखे।

अब तो आंसू भी मुस्कुराने लगे है,
मानो कोई ग़ज़ल सी गाने लगे है,
दर्द जो सताया करते थे कभी ,
वो भी अब, गीत गुनगुनाने लगे है,
दिल मे थे जो बसे, टूटे से अरमां,
न जाने कैसा अनसुना संगीत बजाने लगे है,
तन्हाइयों ने जो घरौंदा एक बसाया था ,
वो भी अब महल उसे बनाने लगे है,
दर्द ने हद की दीवार क्या रौंदी,
दिल क्या, अब तो रूह में भी समाने लगे है ,
गैरों से क्या करे शिकायत दूर जाने की,
अब तो अपने ही फासला बनाने लगे है,
किस्मत ने ग़मों का गुलदस्ता जो दिया सजा के,
बना उन फूलों से माला ,अब गले से लगाने लगे है ।
छिपा के जो रखा था हमेशा ही, जो हमने,
आज न जाने क्यू ,उस को जताने लगे है ।
अब तो आंसू भी मुस्कुराने लगे है ……….
Always seeking your blessings and wishes.💕💕💕
Image: pexel
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दिल को छू गई | बहुत अच्छी रचना |
Best wishes..
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बहुत बहुत आभार।💐💐💐
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वाह। बहुत खूब। इस गजल के अंत में जो पंक्तियां जोड़ी हैं, जो कल आपने शेयर की थी, इसके सौंदर्य को निखार दिया है। अप्रतिम रचना👌👌👍
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Such a beautiful and inspiring bouquet of words, thank you so much sir😊😊😊😊😊
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Welcome, my friend 😊
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बहुत सुंदर कविता। दिल को छू गयी
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Dhanywaad 😊😊😊
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बहुत सुंदर कविता। दिल को गयी गयी
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Thank you dear
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🌸🌸🌸🌸💝💝💝💝loved it,
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Thank you so much 😊😊😊.When someone loves your piece of creativity, it’s truly inspiring..Thanks for loving it😘😍
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Your piece of poetry remind me ruchi chaturvedi’s poem… कभी अनसुनी सी कोई धुन बजेगी़…… 🌸🌸🌸💝
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I am really glad to hear that, thank you so much for reading it with such depth. Thank you once again❤️
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दिल को छू गयी ये कविता ,अब तो हम भी इसके गुण गाने लगे हैं 😀
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बहुत बहुत आभार sir🤗💐💐
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Marvelous lines❤
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Thanks dear😊
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