एक वादा तो कर,
निभाने में साथ मैं दूँगी,
उस वादें में थोड़ी वफ़ा की,
ख़ुशबू तो मिला ,मिश्री मैं डालूँगी ,
कहतें हैं वादों से छलते हैं लोग,
तू मिसाल तो बन ,त्याग में करूँगी,,
Good morning dear all💕💕
एक वादा तो कर,
निभाने में साथ मैं दूँगी,
उस वादें में थोड़ी वफ़ा की,
ख़ुशबू तो मिला ,मिश्री मैं डालूँगी ,
कहतें हैं वादों से छलते हैं लोग,
तू मिसाल तो बन ,त्याग में करूँगी,,
Good morning dear all💕💕
रीना जी, 🙏
वादा अगर दिल से किया जाए,
तो लफ़्ज़ नहीं, इबादत बनता है।
जहाँ वफ़ा की ख़ुशबू बस जाए,
वहाँ हर रिश्ता मुकम्मल लगता है।
आप कहती हैं “तू मिसाल तो बन”,
यही तो प्रेम का सबसे ऊँचा शिखर है।
जहाँ त्याग सौदा नहीं, साधना हो,
और भरोसा ही सबसे मधुर शक्कर है।
लोग कहते हैं वादे छलते हैं,
पर आपकी पंक्तियाँ गवाही देती हैं,
कि अगर नीयत में पवित्रता हो,
तो वादे ही इंसान को देवत्व देती हैं।
सुबह की इस सौम्य रोशनी में,
आपकी कविता एक प्रार्थना-सी लगी,,,
वादा, वफ़ा और समर्पण का
मीठा, सुगंधित सच कह गई।
सादर प्रणाम
शुभ प्रभात 🙏🌹
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बहुत बहुत आभार
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बहुत सुंदर।
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Thank you so much
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You are welcome.
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